शुगर (मधुमेह ) क्या है?

Diebetes / शुगर
सच.. जानिये.!

लूट मचाने के लिए दवा कंपनियाँ किस हद तक गिर सकती आप अनुमान भी नहीं लगा सकते..

अभी कुछ समय पूर्व स्पेन मे शुगर की दवा बेचने वाली बड़ी-बड़ी कंपनियो की एक बैठक हुई है ,दवाओ की बिक्री बढ़ाने के लिए एक सुझाव दिया गया है कि अगर शरीर मे सामान्य शुगर का मानक 120 से कम कर 100 कर दिया जाये तो शुगर की दवाओं की बिक्री 40 % तक बढ़ जाएगी! आपकी जानकारी के लिए बता दूँ बहुत समय पूर्व शरीर मे सामान्य शुगर का मानक 160 था दवाओ की बिक्री बढ़ाने के लिए ही इसे कम करते-करते 120 तक लाया गया है जिसे भविष्य मे 100 तक करने की संभावना है! ये एलोपेथी दवा कंपनियाँ लूटने के लिए किस स्तर तक गिर सकती है ये इसका जीता जागता उदाहरण है आज मैडीकल साईंस के अनुसार शरीर मे सामान्य शुगर का मानक 80 से 120 है!

अब मान लो दवा कंपनियो के साथ मिलीभगत कर इन्होने कुछ फर्जी शोध की आड़ मे नया मानक 70 से 100 तय कर दिया, अब अच्छा भला व्यक्ति शुगर टेस्ट करवाये और शुगर का सतर 100 से 110 के बीच आए ,तो डाक्टर आपको शुगर का रोगी घोषित कर देगा, भय के कारण आप शुगर की एलोपेथी दवाएं लेना शुरू कर देंगे, अब शुगर तो पहले से सामान्य थी आपने जो भय के कारण शुगर कम करने की दवा ली तो उल्टा शरीर मे और कमजोरी महसूस होने लगेगी और आप फिर इस अंधी खाई मे गिरते चले जाएंगे और मान लो आप जैसे 2 -3 करोड़ लोग भी इस साजिश का शिकार हुए तो ये एलोपेथी दवा कंपनियाँ लाखो करोड़ का व्यापार कर डालेंगी!

सच.. जानिये.! क्या आप जानते हैं…..

1997 से पहले fasting diebetes की limit 140 थी। फिर fasting sugar की limit 126 कर दी गयी। इससे World Population में 14% diebetec लोग अचानक बढ़ गए। उसके बाद 2003 में WHO ने फिर से fasting sugar की limit कम करके 100 कर दी। याने फिर से total Population के करीबन 70% लोग Diebetec माने जाने लगे।

दरअसल diebetes ratio या limit तय करने वाली कुछ pharmaceutical कंपनियां थीं जो WHO को घूस खिलाकर अपने व्यापार को बढ़ाने के लिये ये सब करवा रही थीं और अपना बिज़नेस बढ़ाने के लिए ये किया जाता रहा। लेकिन क्या *आपको पता है कि हकीकत में डायबिटीज को कैसे जांचना चाहिए ?*

कैसे पता चलेगा कि आप डायबिटीज के शिकार हैं भी या नहीं ?

पुराने जमाने के इलाज़ के हिसाब से डायबिटीज चेक करने का एक सरल उपाय है :-
आप की उम्र और + 100,  जी हाँ यही एक सचाई है!

अगर आपकी उम्र 65 है तो आपका सुगर लेवल खाने के बाद 165 होना चाहिये।
अगर आपकी age 75 है तो आपका नॉर्मल सुगर लेवेल खाने के बाद 175 होना चाहिए।
अगर ऐसा है तो इसका मतलब आपको डायबिटीज नहीं है।

ये होता है age के हिसाब से यानी..
So now you can count your diebetec limit as 100 + your age.

 

 

अगर आपकी उम्र 80 है तो फिर आपकी डायबिटिक लिमिट खाने के बाद 180 काउंट की जानी चाहिये। मतलब अगर आपका सुगर लेवल इस उम्र में भी 180 है तो आप डायबिटिक नहीं हैं। आपकी गिनती नॉर्मल इंसान जैसी होनी चाहिये। लेकिन W.H.O. को अपने कॉन्फिडेंस में लेकर बहुत सारी फार्मा कम्पनियों ने अपने व्यापार के लिये सुगर लेवेल में उथल पुथल कर दी और आम जनता उस चक्रव्यूह में फंस गई।

No Doctor can guide u. No one will advice u. But its a bitter truth.!

आज कल मधुमेह की बीमारी आम बीमारी है इससे किसी का लिवर ख़राब हो जाता है , किसी की किडनी किसी को paralisis हो रहा है किसी को brain stroke हो रहा है ,किसी को heart attack आ रहा है। कुल मिलकर diabetes के complications बहुत है। प्रीतिदिन बहुत लोग इस बीमारी का शिकार हो रहे है। कभी भी शुगर में इन्सुलिन नहीं लेनी चाहिए क्योंकि इसे लगातार लेने से किडनी ख़राब हो जाती है। यह बिमारी हमारे शरीर में अग्नाशय द्वारा इंसुलिन का स्त्राव कम हो जाने के कारण होती है। रक्त ग्लूकोज स्तर बढ़ जाता है, साथ ही इन मरीजों में रक्त कोलेस्ट्रॉल, वसा के अवयव भी असामान्य हो जाते हैं।

सुगर को कई नाम से जाना जाता है जेसे मधुमेह, डायबिटीज, सुगर, चीनी रोग इत्यादि। ये बीमारी व्यक्ति को कमजोर बनाती है। जिससे व्यक्ति को बहुत सारी परेशानियों का समाना करना पड़ता है। जब व्यक्ति को सुगर होता है तब शरीर को भोजन से उर्जा प्राप्त करने मैं कठनाई होती है पेट फिर भी भोजन को ग्लूकोज में बदलता रहता है। ग्लूकोज रक्त धारा में जाता है। किन्तु अधिकांश ग्लूकोज कोशिकाओं में नही जा पाते। जिनके कारण हैं :- इन्सुलिन की मात्रा कम होने के कारण, पूरे ग्लूकोज को ग्रहण कर सकने के लिए रिसेप्टरों की संख्या कम हो सकती है। समय समय पर डॉ. पर जाच करवानी चाहिए। जिससे इससे सावधान रहा जा सके अगर आपको सुगर है तो घबराएँ नहीं इसका बहुत ही अच्छा इलाज आयुर्वेद में है जो की नीचे बतया गया है।

शुगर (मधुमेह ) के लक्षण :-
1. भूक बहुत ज्यादा लगती है।
2. लीवर सही तरह से काम नहीं करता।
3. किडनी भी ख़राब हो जाती है।
4. किसी किसी को ब्रेन हेमरेज भी हो जाता है।
5. आँखों की रोशनी का धीरे -२ कम होना।
6. शरीर में कमजोरी महसूस होना।
7. त्वचा के बार -२ रोगों का होना |
8. रक्त ग्लूकोज स्तर बढ़ जाता है |
9. आँखों की रोसनी बिना किसी कारण के कम होना।
10. स्त्रियों में मासिक स्राव में विकृति अथवा उसका बन्द होना।

शुगर (मधुमेह ) के कारण :-
जब तक आप मधुमेह बीमारी का असली कारण नही समझेगे आपकी मधुमेह कभी भी ठीक नही हो सकती है जब हमारे रक्त में वसा (गंदे कोलेस्ट्रोल) या LDL की मात्रा बढ जाती है तब हमारे रक्त में मोजूद कोलेस्ट्रोल कोशिकाओ के चारों तरफ चिपक जाता है और जो खून में मोजूद जो इन्सुलिन होता है वो हमारी कोशिकाओं तक नही पहुँच पाता है इसलिए वो इन्सुलिन शरीर के किसी भी काम में नही आता है जिस कारण जब हम अपना शुगर level चैक कराते हैं तो शरीर में हमेशा शुगर का स्तर ही बढा हुआ होता है क्यूंकि वो कोशिकाओ तक नहीं पहुंची क्योंकि वहाँ (गंदे कोलेस्ट्रोल)LDL VLDL जमा हुआ है जबकि जब हम बाहर से इन्सुलिन लेते है तब वो इन्सुलिन नया-नया होता है तो वह कोशिकाओं के अन्दर पहुँच जाता है।

1. खाने वाली मीठी चीजो का ज्यादा सेवन करने से।
2. शरीर में ज्यादा बजन होने से।
3. चिंता भी इसका एक मुख्य कारण है।
4. व्यायाम न करना।
5. समय पर भोजन न करना इत्यादी……

शुगर का घरेलू इलाज :-
आयुर्वेद की ये सबसे अच्छी दवा ये है जो नीचे लिख रही है इससे सुगर 101% ठीक हो जाता है ये दवाई मेथी दाने, करेले के बीज, जामुन के बीज, बेल के पत्ते से बनायीं जाती है जेसा की नीचे आपको बताया गया है।

उपचार के लिए क्या चाहिए :-
1. 100 ग्राम मेथी का दान
2. 100 ग्राम तेज पत्ता
3. 150 ग्राम जामुन के बीज
4. 250 ग्राम बेल के पत्ते ( ये वो पत्ते है जो शिव भोले पर चढ़ाये जाते है )

अब इनको धुप में सुखाकर फिर सिलबाट पर या पत्थर पर पीसकर अब इन सभी को एक साथ मिला ले और किसी सीसी मैं भरकर रख लें | ये आपकी डाइबिटीज़ की दवा बनकर तैयार है।

इस दवाई का सेवन कैसे करें :-
सुबह नास्ता करने से एक घंटे पहले एक चम्मच गर्म पानी के साथ ले फिर साम को खाना खाने से पहले एक चम्मच गर्म पानी से ले ( मतलब ये दवा आपको सुबह साम खाली पेट लेनी है ) अगर आप इसके साथ एक-दो दवाई और लें ले तो इस दवा का असर बहुत ही जल्द होगा शरीर की सभी बीमारियाँ वात,पित ,और कफ के बिगड़ने से होती हैं| दुनिया मे सिर्फ दो ही ऐसी ओषधियाँ है जो इन तीनों के सतर को बराबर रखती है वो हैं गौ मूत्र और त्रिफला चूर्ण।

त्रिफला चूर्ण का सेवन :- त्रिफला चूर्ण को रात को सोने से पहले एक से डेड चमच गर्म दूध के साथ ले लें उसके बाद थोडा सा चल फिर ले !

कब तक सेवन करें :- इस दवा का सुबह – सुबह खाली पेट 3 महीने तक सेवन करें।

मेथी के दाने से उपचार :- एक चम्मच मेथी के दानो को रात को थोड़े से पानी में भिगो कर रख दो फिर सुबह उठ कर पानी को घूट -२ कर के पिए और मेथी के दानो चबा लें। इससे भी आपकी सुगर cure होगी।

शुगर में परहेज :-
1. सुद्ध खाना एवं हलके खाने का सेवन करना है।
2. चीनी का प्रयोग कभी ना करें चीनी की जगह आप गुड का प्रयोग कर सकते हैं।
3. प्यास लगने पर पानी में नीबू मिलकर पीना है।
4. ऐसी चीजे ज्यादा खाए जिसमे फाइबर हो रेशे ज्यादा हो हरी सब्जी जैसे दाल, पालक, छिलके वाली दाल आदि।
5. दही का भी सेवन कर सकते है।
6. तला हुआ भोजन, सूखे मेवे, चीनी, केला, चीकू, सीताफल इत्यादि का सेवन न करें।
7. हल्का व्यायाम करें, शारीरिक परिश्रम करें थोडा-थोडा।
8. साम को सूरज अस्त होने से पूर्व भोजन कर लेना चाहिए।

प्राणायाम करें :-
सुबह-सुबह थोड़ी-थोड़ी सेर कराएँ और और प्राणायाम कराएँ जेसे आलोम-बिलोम , कपालभाती इन दोनों प्राणायाम को करने से कोई भी बीमारी पास नहीं आ सकती और अगर कोई बीमारी है तो वो भी जल्द ही ठीक हो जाएगी।

उसके साथ साथ एक सच ये भी है कि–
अगर आपकी पाचन शक्ति उत्तम है तो आपको कोई टेंशन लेने की कोई जरूरत नहीं है, या फिर आप अपने जीवन में कोई टेंशन नहीं लेते।
आप अच्छा खाना खाते हो! आप जंक फूड, ज्यादा मसालेदार या तैलीय भोजन या फ़्राईड फूड नहीं खाते! आप रेगुलर योगा या कसरत करते हैं
और आपका वजन आपकी हाइट के हिसाब के बराबर है! तो आपको डायबिटीज हो ही नहीं सकती। यही सत्य है, बस टेंशन न लें अच्छा खाना खाएं, एक्सरसाइज करते रहें।