International yoga day

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2019 : योग दिवस के इतिहास से जुड़ी खास बातें

योग प्राचीन भारतीय परंपरा का एक अमूल्य उपहार है।यह एक आध्यात्मिक अनुशासन है जो कि मन और शरीर के बीच सामंजस्य लाने पर केंद्रित है। योग के महत्व को वैश्विक समुदाय द्वारा स्वीकार किया गया है। ११ दिसम्बर २०१४ को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा २१ जून को विश्व अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की गई। भारत की संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपील के बाद, २१ जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का संकल्प सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया।

योग शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के शब्द ‘युज्’ से हुई है, जिसका अर्थ समाधि, जोड़ या सामंजस्य है।योग एक समग्र अवधारणा है, जो कि शरीर, मन, भावना और ऊर्जा के स्तर पर काम करता है। योग को चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है: कर्म योग- जिसमें हम शरीर का उपयोग करते हैं; ज्ञान योग – जिसमें हम मन का उपयोग करते हैं; भक्ति योग, जिसमें हम भावनाओं का उपयोग करते हैं तथा क्रिया योग, जहाँ हम ऊर्जा का उपयोग करते हैं।

महर्षि पंतजलि ने उस समय के प्रचलित प्राचीन योग अभ्यासों को व्यवस्थित व वर्गीकृत किया और इसके निहितार्थ और इससे संबंधित ज्ञान को पातंजलयोगसूत्र नामक ग्रन्थ में एक क्रमबध्द प्रकार से व्यवस्थित किया हैं। उनके अनुसार, योग अभ्यास के आठ घटक संदर्भित हैं, जिन्हें अष्टांग योग के रूप में जाना जाता हैं अथवा योग साधना के आठ ‘अंग’ यम, नियम,आसन,प्राणायाम, प्रत्याहार,धारणा,ध्यान और समाधि है।योग के सबसे सामान्य रूप विभिन्न आसन हैं जो शरीर और मन में स्थिरता लाते हैं। प्रत्येक आसन के अलग अलग फायदे हैं। ये आसन हर व्यक्ति को अपनी क्षमता और एक योग प्रशिक्षक के मार्गदर्शन मे करने चाहिए।

कब मनाया जाता है योग दिवस?

दुनियाभर में 21 जून को इंटरनेशनल योग दिवस (International Yoga Day) मनाया जाता है. भारत की संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपील के बाद संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का ऐलान करके पूरी दुनिया को स्वस्थ रहने का मंत्र दिया.

कैसे हुई योग दिवस की शुरुआत?

दुनिया भर के कई देशों में लोग स्वस्थ रहने के लिए योग करते हैं. लेकिन अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की शुरुआत भारत की पहल के चलते हुई. भारत की अपील के बाद में 27 सितंबर 2014 को दुनियाभर में योग दिवस मनाने का आह्वान किया था. संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रस्ताव आने के बाद सिर्फ तीन महीने के अंदर इसके आयोजन का ऐलान कर दिया था.

महासभा ने 11 दिसंबर 2014 को यह ऐलान किया कि 21 जून का दिन दुनिया में योग दिवस के रूप में मनाया जाएगा. जिसके बाद दुनिया भर के लोग हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) के रूप में मनाते हैं|

21 जून को ही क्यों मनाया जाता है योग दिवस?

21 जून के दिन को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए चुनने की भी एक खास वजह है. दरअसल यह दिन उत्तरी गोलार्द्ध का सबसे लंबा दिन है, जिसे ग्रीष्म संक्रांति भी कह सकते हैं. भारतीय संस्कृति के दृष्टिकोण से, ग्रीष्म संक्रांति के बाद सूर्य दक्षिणायन हो जाता है और सूर्य के दक्षिणायन का समय आध्यात्मिक सिद्धियां प्राप्त करने में बहुत लाभकारी है. इसी कारण 21 जून का दिन अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) मनाने के लिए निर्धारित किया गया था.

भारत ने पहले अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस पर बनाया था रिकार्ड

21 जून 2015 को पहला अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस मनाया गया था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व में 35 हजार से अधिक लोगों और 84 देशों के प्रतिनिधियों ने दिल्‍ली के राजपथ पर योग के 21 आसन किए थे. ​इस समारोह ने दो गिनीज रिकॉर्ड्स हासिल किए. पहला रिकार्ड 35,985 लोगों के साथ सबसे बड़ी योग क्लास और दूसरा रिकार्ड चौरासी देशों के लोगों द्वारा इस आयोजन में एक साथ भाग लेने का बना