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मैं और मेरा शहर

1. क्या आपको स्वस्थ जीवनशैली (healthy lifestyle) मिली?
2. क्या आपको प्राकृतिक भोजन (organic food) मिला?
3. कैसा चाहिए फरीदाबाद, प्रदूषण (pollution) में नंबर दो या नंबर सौ पर?
4. क्या शहर, कंक्रीट के जंगल से या नागरिकों की अच्छी सोच से सुंदर बनता है? ( Smart city or smart Citizen)

जिम्मेदार हम और हमारी सरकार?
यथा राजा तथा प्रजा यह कहावत तब की है जब राजशाही थी ,
*आज प्रजातंत्र है तो यथा प्रजा तथा राजा ही चलेगा
इसलिए हमारी जिम्मेदारी, सरकार से ज्यादा है |

​_​आज की विषय परिस्थिति क्या हैं​?

भोजन सभी को चाहिए लेकिन..​ खेती करना कोई नहीं चाहता​
पानी सभी को चाहिए लेकिन..​ *पानी बचाना कोई नहीं चाहता..​* दूध सभी को चाहिए लेकिन …​ गाय पालना कोई नहीं चाहता…​छाया सभी को चाहिए लेकिन…​ पेड़ लगाना और उसे​​जिन्दा रखना कोई नहीं चाहता…​ पढ़कर वाह वाह करना सभी जानते हैं​_ लेकिन कार्य करने के लिए आगे कोई आना नहीं चाहता…​

जिम्मेदार नागरिक बने।

1.स्वस्थ जीवनशैली से स्वस्थ परिवार
धन से तो सभी जी रहे है, क्या तन और मन से हम जी रहे हैं?
आजकल की भागदौड़ में हम शायद आधुनिक मशीनों और अंधाधुंध दिखावे के बीच में अपने आपको ही भूल गए हैं
क्या दवाओं में आरोग्य उपलब्ध है या जीवनशैली में?
स्वस्थ जीवनशैली तन और मन दोनों से होती है
एक कहावत है
A healthy mind live in healthy body
स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क रहता है
यद्यपि यह बात भी अधूरी नहीं है कि मन के हारे हार है, मन के जीते जीत। इसलिए हम मान सकते है कि तन और मन एक दूसरे के पूरक है, स्वस्थ जीवनशैली के लिए दोनों ही आवश्यक है। हम रोजाना सरकारी आंकड़े, इंटरनेशनल रिपोर्ट, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ke आंकड़े देखते होंगे ।

हमारे बीच में बड़े बड़े राजनेता, अभिनेता, बड़ी हस्ती भी इससे अछूती नहीं है , एक वायरल व्हाट्स ऐप सन्देश पढ़ते है
भारत के बड़े कलाकार और खिलाड़ी जो किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे है या भूतकाल में उन्हें ये बीमारी हो चुकी है।
(पहले ध्यान से ये लिस्ट देख लीजिए
सोनाली बेंद्रे – कैंसर
अजय देवगन – लिट्राल अपिकोंडिलितिस (कंधे की गंभीर बीमारी)
इरफान खान – कैंसर
मनीषा कोइराला – कैंसर
युवराज सिंह – कैंसर
सैफ अली खान – हृदय घात
रितिक रोशन – ब्रेन क्लोट
अनुराग बासु – खून का कैंसर
मुमताज – ब्रेस्ट कैंसर
शाहरुख खान – 8 सर्जरी (घुटना, कोहनी, कंधा आदि)
ताहिरा कश्यप (आयुष्मान खुराना की पत्नी) – कैंसर
राकेश रोशन – गले का कैंसर
लीसा राय – कैंसर
राजेश खन्ना – कैंसर
आदि
ये वो लोग है या थे। जिनके पास पैसे की कोई कमी नहीं है।
खाना हमेशा डाइटीशियन की सलाह से खाते है।
दूध भी ऐसी गाय या भैंस का पीते है जो AC में रहती है और बिसलेरी का पानी पीती है।
जिम भी जाते है। रेगुलर शरीर के सारे टेस्ट करवाते है। सबके पास अपने हाई क्वालिफाइड डॉक्टर है।
अब सवाल उठता है। कि आखिर अपने शरीर की इतनी देखभाल के बावजूद भी इन्हें इतनी गंभीर बीमारी अचानक कैसे हो गई।
क्योंकि ये प्राक्रतिक चीजों का इस्तेमाल बहुत कम करते है। या मान लो बिल्कुल भी नहीं करते।
जैसा हमें प्रकृति ने दिया है उसे उसी रूप में ग्रहण करो वो कभी नुकसान नहीं देगा।
कितनी भी फ्रूटी पी लो वो शरीर को आम के गुण नहीं दे सकती।
अगर हम इस धरती को प्रदूषित ना करते तो धरती से निकला पानी बोतल बन्द पानी से लाख गुण अच्छा था।
आप एक बच्चे को जन्म से ऐसे स्थान पर रखो जहां एक भी कीटाणु ना हो।
बड़ा होने से बाद उसे सामान्य जगह पर रहने के लिए छोड़ दो वो बच्चा एक सामान्य सा बुखार भी नहीं झेल पाएगा
क्योंकि उसके शरीर का तंत्रिका तंत्र कीटाणुओ से लड़ने के लिए विकसित ही नही हो पाया।
कंपनियों ने लोगो को इतना डरा रखा है। मानो एक दिन साबुन से नहीं नहाओगे तो तुम्हे कीटाणु घेर लेंगे और शाम तक पक्का मर जाओगे।
समझ नहीं आता हम कहां जी रहे है।
एक दूसरे से हाथ मिलाने के बाद लोग सेनिटाइजर लगाते हुए देखे जा सकते है ।
इंसान सोच रहा है। पैसों के दम पर हम जिंदगी जियेंगे।
कभी गौर किया है पिज़्ज़ा बर्गर वाले
शहर के लोगों की एक बुखार में धरती घूमने लगती है।
और वहीं दूध दही छाछ के शौकीन गांव के बुजुर्ग लोगों का वही बुखार बिना दवाई के ठीक हो जाता है। क्योंकि उनकी डॉक्टर, उनकी प्रकृति है। क्योंकि वे पहले से ही सादा खाना खाते आए है।
प्राकृतिक वस्तुओं (natural products) को अपनाओ
विज्ञान के द्वारा लैब में तैयार कृत्रिम हर एक वस्तु शरीर के लिए नुकसानदायक है

समाधान – रोग की चिकित्सा की बजाय उसके कारण की चिकित्सा एवं मूल प्रकृति को समझे ताकि हम अपना परिवार स्वस्थ बना सके और फरीदाबाद को स्वस्थ रख सकें।
अपने आसपास परिवार, पार्कों , विद्यालयों ( स्कूल) में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करें,
संपर्क सूत्र नीचे दिए हुए है, अनेक संगठनों की तरफ से निशुल्क स्वास्थ्य सुरक्षा शिविर आयोजित किए जाते हैं।

2. प्राकृतिक भोजन (organic food)
अभी ऊपर हमने स्वस्थ जीवनशैली की बात की,आजकल दवाओं में हम आरोग्य ढूंढते हैं, family doctor तो हम रखते है, क्या हमारा कोई family farmer( किसान ) होता है?, जिस तरह से अत्यधिक दवाएं भी शरीर की किडनी के लिए नुकसानदेह है उसी तरह आजकल कुछ दशकों से यूरिया खाद(fertilizer) और कीटनाशकों(insecticides) के अत्यधिक छिड़काव से हमारी फसलें,भोजन की थाली, जमीन,नहर, नदी,पानी के स्रोत भी जहर से दूषित हो रहे है, क्या हम विषमुक्त भोजन कर पा रहे है?
समाधान – जैविक किसानों का सीधा बाजार, आएं किसानों को प्रोत्साहन दे, अच्छी सेहत के लिए अच्छा प्राकृतिक भोजन और किसानों को भी उचित माध्यम मिलेगा, अच्छी फसल का अच्छा मूल्य मिलेगा, किसानों को प्राकृतिक रूप से गोबर खाद ( जैविक खाद) के उत्पादित फसलों के लिए प्रोत्साहित करें, अपने आसपास कॉलोनी सेक्टर के साथ मिलकर उनको बाजार उपलब्ध कराएं,

3. कैसा फरीदाबाद चाहिए? प्रदूषण में नंबर 2 या नंबर 100?
हाल में ही अभी हुए सर्वे में फरीदाबाद को दूसरे नंबर पर सबसे प्रदूषित शहरों में जोड़ा गया है

अशोक गर्ग जी जिला आयुक्त का जब तबादला फरीदाबाद से सिरसा हुआ , तो उनका ट्वीट था,”मुझे खुशी है कि मेरा तबादला हुआ, अब मुझे अच्छी सांस मिलेगी”
जैसे रोज खाने के लिए खाना और पीने के लिए पानी चाहिए, वैसे ही हर पल जीने के लिए सांस चाहिए, लेकिन उसके लिए प्राण वायु ऑक्सीजन आवश्यक है

ऑक्सीजन की अनुपस्थिति कैंसर को बढ़ाने वाली कोशिका(cells) वृद्धि ( develop) करती है।

समाधान – गली गली सेक्टर में वृक्षारोपण कार्य और उनके संरक्षण की तैयारी, पीपल बरगद नीम आदि जैसे बड़े विशाल वृक्ष के पौधे , जो पानी भी जड़ों के द्वारा रोकते है लगाएं जायेगें, कार से साइकिल की तरफ लौटेंगे, recycling of waste , plastic polythene का विकल्प, कपड़े का झोला साथ में रखें,

4.क्या कोई शहर कंक्रीट के जंगल निर्माण से या वहां की बौद्धिक क्षमता( intellectual thinking)h या सोच से बड़ा बनता है? (Smart city or smart citizen?)
*
समान्य व्यक्ति की नजर में स्मार्ट सिटी
1. ऊंची ऊंची इमारतें
2 एयरकंडीशनर
3 जाम फ्री रोड
4 RO शुद्ध पानी
5 कंक्रीट विकास
6 चकाचौंध चमक धमक आदि
भारत की नजर में स्मार्ट सिटी
प्रकृति के साथ सामंजस्य(balance) स्थापित करके ही आगे निर्माण कार्य को बढ़ावा,
वातावरण को अच्छा रखने वाले काफी संख्या में वृक्ष, प्राकृतिक संसाधनों द्वारा पानी की उचित व्यवस्था और देखभाल, कम से कम कृत्रिम वातानुकूलित जीवन (air-conditioning system) ki आवश्यकता हो,
जल संरक्षण ( water harvesting) की व्यवस्था

समस्या – आजकल विकास का सबसे बड़ा मानक इंफ्रास्ट्रक्चर ( निर्माण) कार्य हो हो गया, इसमें सबसे पहले पेड़ काटने का कार्य शुरू हो जाता है, उतनी संख्या में बाद में पेड़ नहीं लग पाए हैं जितने सघन वन पहले होते है

समाधान – “स्मार्ट का अर्थ है समझदार” , स्मार्ट सिटी का मतलब समझदार सिटी , लेकिन यह स्मार्ट सिटी समझदार नागरिकों से ही संभव है, लोगो की सकारात्मक सोच और कार्य और सहयोग से ही कोई शहर, गांव या देश स्मार्ट हो सकता है, इसलिए किसी भी व्यवस्था को अच्छा करने के लिए नागरिकों का आपसी सहयोग हमेशा काम आता है, इसलिए हम इस सार्वजनिक कार्य में परस्पर एक दूसरे के पूरक बनें। सरकार नागरिकों के लिए,केवल व्यवस्था कर सकती है लेकिन उस व्यवस्था का सफल होना, व्यवस्थापकों द्वारा सही क्रियान्वन(work), और नागरिकों के ही परस्पर सहयोग से ही संभव है। किसी भी बड़े प्रोजेक्ट( comstruction work) को शुरू होने से सालों पहले ही उतने सघन वन उसके चारों ओर प्राकृतिक रूप से बना दिया जाए ताकि वातावरण पर्यावरण निर्माण कार्य के दौरान प्रभावित न हो आदि….

क्या आपको अपने बच्चे/परिवार की जिम्मेदारी दी जाती है या ली जाती है?
इसी प्रकार हमारे आसपास का वातावरण, पर्यावरण है, हमारा फरीदाबाद हमारा शहर जिम्मेदारी हमारी और आपकी है।
क्या आप इस समस्या के समाधान में सहभागी होना चाहते है?

संपर्क सूत्र ( Call us): 8287875410, 9891924301
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सहयोगी संगठन –
फरीदाबाद क्रॉकरी बैंक
नागरिक जागरूकता मंच
सनातन संस्था
महानायक स्मृति मंच
राजीव दीक्षित स्वदेशी रक्षक संघ
मोहित एनजीओ